हमने भारत में टेक्नोलॉजी का प्रयोग कर लूट और भ्रष्टचार खत्म किया : नरेन्द्र मोदी

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वाराणसी, । देश की सांस्कृतिक राजधानी कही जाने वाली वाराणसी में 15वें प्रवासी भारतीय सम्मेलन के दूसरे दिन मंगलवार को बतौर मुख्य अतिथि देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संबोधित किया। यहां उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी का नाम लिए बिना उनकी पुरानी बात याद दिलाते हुए कहा कि पहले भ्रष्टचार चरम पर था।


पूर्व प्रधानमंत्री ने भ्रष्टचार की बात की थी स्वीकार
मोदी ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री ने भ्रष्टचार की बात स्वयं स्वीकार की थी। वे कहते थे कि​ दिल्ली से चलकर गांवों में जाने वाला पैसा 15 प्रतिशत ही पहुंचता है। केन्द्र से 100 पैसा चलता है, लेकिन नीचे तक 15 पैसा पहुंच पाता है। उन्होंने कहा कि यानी शेष बचा 85 प्रतिशत पैसा छूमंतर हो जाता था।


भ्रष्टचार के लीकेज का नहीं हुआ इलाज
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इतनी बड़ी बीमारी का पता तो चला, लेकिन इलाज नहीं हुआ। भ्रष्टचार के इस लीकेज को बन्द करने का प्रयास नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि यह सुधार पहले भी हो सकता था, लेकिन नीयत और नीति नहीं थी। 


टेक्नोलॉजी का प्रयोग कर लूट खत्म की
मोदी ने कहा कि हमने टेक्नोलॉजी का प्रयोग किया और इस 85 प्रतिशत लूट को 100 प्र​तिशत खत्म कर दिया है। विभिन्न योजनाओं के तहत दिये जाने वाली 80 बिलियन डॉलर की राशि सीधे बैंक खाते में दी। यह राशि किसी को घर बनाने के लिए, किसी को इलाज के लिए, किसी को रोजगार के लिए तो किसी को बिजनेस के लिए दी गयी।


फर्जी लोगों की पहचान बदलाव की झलक 
प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे अब तक के कार्यकाल में 07 करोड़ फर्जी लोगों की पहचान की जा चुकी है। इन लोगों ने जन्म ही नहीं लिया था। वास्तव में ये कभी थे ही नहीं। कागजों में पैदा हुए थे और सरकारी सुविधाओं का लाभ ले रहे थे। यह बदलाव की एक झलक है, जो पिछले चार वर्षों से देश में शुरू हुआ है।


दुनिया की अगुआई करने की स्थिति में है भारत
इस मौके पर प्रधानमंत्री ने बदलते भारत की तस्वीर की तारीफ की। उन्होंने कहा कि पहले लोग कहते थे कि भारत बदल ही नहीं सकता। हमने इस सोच को ही बदल डाला। हमने बदलाव करके दिखाया है। पर्यावण की सुरक्षा व विश्व की प्रगति में भारत के योगदान को दुनिया स्वीकार कर रही है।
मोदी ने कहा कि भारत अनेक मामलों में दुनिया की अगुआई करने की स्थिति में है। हम लोग रिफॉर्म-परफॉर्म-ट्रान्सफॉर्म और सबका साथ-सबका विकास पर काम कर रहे हैं। स्पेस के क्षेत्र में रिकार्ड कर रहे हैं। दुनिया की सबसे बड़ी हेल्थ स्कीम आयुष्मान भारत हम चला रहे हैं। 

यूपी में निवेश की अपार सम्भावनाएं, यहाँ है स्वतंत्रता के साथ सुरक्षा का माहौल : योगी आदित्यनाथ

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वाराणसी,। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रवासी भारतीयों से पूंजी निवेश का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि भारत में उत्तर प्रदेश पूंजी निवेश की दृष्टि से सुरक्षित गंतव्य है। यहां पूरी स्वतंत्रता के साथ निवेश और सुरक्षा का माहौल है।
मुख्यमंत्री सोमवार को 15वें युवा प्रवासी भारतीय ​सम्मेलन में विश्व भर के सफल युवा भारतवंशियों के साथ संवाद कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने प्रवासियों को बताया कि मार्च 2019 में जब उनके कार्यकाल का दो वर्ष पूरा हो जायेगा। तब तक प्रदेश में दो लाख करोड़ का पूंजी निवेश हो जायेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी में निवेश की अपार सम्भावनाएं हैं। प्रदेश एक नई दिशा में आगे बढ़ रहा है।
मुख्यमंत्री ने दो साल पूर्व की प्रदेश की स्थिति से भी युवा प्रवासियों को अवगत कराया। उन्होंने कहा कि तब प्रदेश में अराजकता और भय का माहौल था। प्रदेश की बदतर कानून व्यवस्था देख निवेशक यहां आने से डरने लगे थे। लेकिन अब तस्वीर बदल गई है। मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश के महत्व को भी प्रवासियों को बताया। उन्होंने कहा कि यूपी में भगवान राम, भगवान कृष्ण की जन्मस्थली है। बाबा विश्वनाथ और मां गंगा की नगरी काशी है। देश के चार प्रमुख कुम्भ स्थानों में एक प्रयागराज भी यहीं है। कई शक्ति पीठों के साथ हेरिटेज ईको टूरिज्म के क्षेत्र हैं।
उन्होंने कहा कि पूंजी निवेश के नजरिये से देखे तो कनेक्टिविटी का भी कोई तोड़ नहीं है। आज प्रदेश में नौ एयरपोर्ट हैं और दो नये एयरपोर्ट निर्माणाधीन हैं। सड़क और फ्लाईओवर से प्रदेश का बड़ा हिस्सा जुड़ गया है। जल परिवहन के नजरिये से भी काशी में मल्टी मॉडल टर्मिनल और वाराणसी से हल्दिया तक अंतर्देशीय जलमार्ग हैं। उन्होंने युवा प्रवासियों को बताया कि वाराणसी से प्रयागराज तक शीघ्र ही गंगा में लग्जरी क्रूज भी चलेंगे।
सम्मेलन में उद्घाटन सत्र के बाद संवाद में नार्वे के तीस वर्षीय युवा सांसद हिमांशु गुलाटी ने अपने देश की खुशहाली की उच्च रैंकिंग का राज साझा किया तो पूंजी निवेश के रास्ते भी बताया। न्यूजीलैंड के सांसद कंवलजीत सिंह बक्शी ने देश की आर्थिक दशा को सुधारने के लिए सुझाव दिया। कार्यक्रम में कई देशों के युवा उद्यमियों ने भी प्रदेश में निवेश की ललक दिखाई और पूजी सुरक्षा तथा औद्योगिक वातावरण के लिए विचार रखा।
वहीं सम्मेलन में भाग लेने के पहले मुख्यमंत्री ने मीडिया से बाचीत में कहा कि प्रदेश सरकार शीघ्र ही निराश्रित महिलाओं,पुरुषों और दिव्यांगजनों को पेंशन देगी। इसके लिए सरकार ने पहल कर दी है। उन्होंने बताया कि इसके लिए 30 जनवरी तक विशेष शिविर लगाया जाएगा। ताकि कोई पात्र छूटने न पाए।

दुनिया के अन्य देश बूढ़े हो रहे हैं, भारत दिन प्रति दिन युवा हो रहा है : सुषमा स्वराज

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वाराणसी, । विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने दुनियाभर में फैले युवा भारतीय प्रवासियों का आह्वान किया कि वे भारत की विकास यात्रा और नए समृद्ध भारत के निर्माण में भागीदार बनें।
तीन दिवसीय 15 वें प्रवासी भारतीय दिवस समारोह के पहले दिन सोमवार को युवा प्रवासी दिवस समारोह का उद्घाटन करते हुए सुषमा स्वराज ने कहा कि युवा प्रवासी भारतीयों के पूर्वजों ने विपरीत परिस्थितियों सामना करते हुए अजनबी देशों में अपने लिए स्थान बनाया था और सफलता अर्जित की थी। अब युवा प्रवासियों के लिए नया भारत उपलब्धियों की नयी संभावनाएं मुहैया करा रहा है। नए भारत की इस विकास यात्रा में युवा प्रवासियों को अपने और देशवासियों की भलाई के लिए भागीदार बनना चाहिए। प्रवासी भारतीय यहां आकर अपनी जड़ों से तो जुड़ेंगे ही, साथ ही उन्हें कामकाज की सभी सुविधाएं मिलेंगी जिससे उनके लिए सफलताओं के अनगिनत द्वार खुलेंगे।
उन्होंने देश की जनसंख्या में युवा और कामकाजी आयुवर्ग की प्रचुर संख्या का उल्लेख करते हुए कहा कि जहां दुनिया के अन्य देश बूढ़े हो रहे हैं वहीं भारत दिन प्रति दिन युवा हो रहा है। देश की जनसंख्या की औसत आयु 29 वर्ष है और जनसंख्या का 64 प्रतिशत हिस्सा कामकाजी आयुवर्ग में है। 41 प्रतिशत जनसंख्या बीस वर्ष के आयुवर्ग में है। यह सब भारत को दुनिया में मानव संसाधन, उद्यमिता और कौशल का केंद्र स्थल बना रहा है।
विदेशमंत्री ने दुनिया के विभिन्न देशों में फैले प्रवासी भारतीयों के शताब्दियों के अनुभवों का उल्लेख करते हुए कहा कि कभी व्यापारी और धर्म प्रचारकों के रूप में भारत के लोग देश से बाहर गए थे। उपनिवेशवाद के दौर में गन्ना और रबर की खेती के लिए मजदूरों के रूप में इन लोगों को दूर-दराज के देशों में ले जाया गया था। पिछले कुछ दशकों में उच्च शिक्षा प्राप्त वैज्ञानिक, शोधकर्ता, उद्यमी और अन्य पेशेवर लोगों ने विदेशों में सफलता के झंडे गाड़े हैं और देश का नाम ऊंचा किया है। दुनिया में भारत की नयी पहचान बनी है। आज का भारत ऐसे सफल प्रवासियों को देश में ही काम काम करने, फलने-फूलने और विकास यात्रा में भागीदार बनने का अवसर प्रदान कर रहा है।
उन्होंने कहा कि दुनिया के अनेक देशों में कार्यरत बहुराष्ट्रीय कंपनियों में भारतीय शीर्ष पदों पर हैं। विश्वविद्यालयों और शोध संस्थानों में भी उनकी मौजूदगी है। ऐसे सभी लोगों को स्वदेश आकर अवसरों का भरपूर उपयोग करना चाहिए। उन्होंने गूगल के सुन्दर पिचाई, माइक्रोसॉफ्ट के सत्या नडेला और अन्तर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष की गीता गोपीनाथ का उल्लेख करते हुए कहा कि इन लोगों ने भारत की उद्यमशीलता और कौशल का लोहा मनवाया है। विदेश मंत्री ने कहा कि इस समय करीब साढ़े सात लाख भारतीय छात्र विदेशी शिक्षण संस्थाओं में अध्ययनरत हैं। हमारा प्रयास है कि देश में ही उच्च शिक्षा और कौशल विकास की ऐसी आधारभूत सुविधाएं कायम की जाएं जिससे दुनियाभर के छात्र यहां आने के लिए आकर्षित हों। यहां आईआईटी और आईआईएम के रूप में प्रतिष्ठत संस्थान हैं और अत्याधुनिक शोध सुविधाएं हैं। वज्र, ज्ञान और मिशन शोध गंगा के जरिये शिक्षा और शोध की नयी सुविधाओं का प्रबंध किया गया है।
उन्होंने कहा कि दुनिया में भारत की बढ़ती साख के साथ ही आज भारत का पासपोर्ट उनके लिए सुरक्षा कवच बन गया है। भारतीय दूतावास प्रवासी भारतीयों की हर समस्या का समाधान करने के लिए तत्पर रहता है। उन्होंने युवा मेहमानों से कहा कि वे अपनी किसी भी कठिनाई के बारे में दिन-रात कभी भी ट्वीट सन्देश भेज सकते हैं। तत्काल उसका समाधान खोजा जाएगा।
विदेश मंत्री ने कहा कि युवा प्रवासियों को भारत की संस्कृति और जीवन शैली से परिचित कराने और जोड़ने के लिए ‘भारत को जानों’ कार्यक्रम शुरू किया गया था जो बहुत सफल रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर ‘भारत क्विज’ प्रश्नोत्तरी कार्यक्रम शुरू किया गया है जिसमें 40 हजार युवाओं ने शिरकत की। इस प्रतियोगिता के विजेताओं को प्रधानमंत्री कल पुरस्कार वितरित करेंगे। प्रधानमंत्री कल ही मुख्य प्रवासी दिवस का उदघाटन करेंगे।
युवा प्रवासी दिवस और उत्तर प्रदेश प्रवासी दिवस का आयोजन साथ-साथ किया गया है। कार्यक्रम में नार्वे के युवा सांसद हिमांशु गुलाटी विशेष अतिथि और न्यूज़ीलैंड के सांसद कंवलजीत सिंह बख्शी सम्मानित अतिथि हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और युवा और खेल मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर ने भी कार्यक्रम को सम्बोधित किया।

मेक इन इंडिया आज ग्लोबल ब्रांड बन गया है : नरेंद्र मोदी

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  • GST देश में एक ईमानदार व्यापार व्यवस्था बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम
  • वाइब्रेंट गुजरात के साथ ही अहमदाबाद शॉपिंग फेस्टिवल की शुरुआत, एक सराहनीय पहल
  • आरक्षण की दूसरी केटेगरी को नुकसान पहुंचाये बिना 10 % आरक्षण देकर सरकार ने सामाजिक समरसता के नये द्वार खोले
  • आयुष्मान योजना की वजह से 50 करोड़ गरीबों को विश्वास मिला है

नई दिल्ली/अहमदाबाद,। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन दिन के गुजरात दौरे पर हैं।उन्होंने गुरुवार को सरदार बल्‍लभ भाई पटेल इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस एंड रिसर्च सेंटर का लोकार्पण किया। मोदी ने कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं और चिकित्सा शिक्षा को पिछले चार वर्षों में बढ़ावा दिया गspan>। इस अवधि में 18,000 से अधिक एमबीबीएस सीटें और 13,000 से अधिक स्नातकोत्तर सीटें बढ़ाई गई हैं। मोदी ने कहा कि 750 करोड़ रुपये की लागत से बना सरदार वल्लभ भाई पटेल इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस एंड रिसर्च विश्वस्तरीय अस्पताल के लिए आप सभी को बहुत-बहुत बधाई। पीएम ने कहा सरदार पटेल के सपनों को साकार करना है सरकार का मकसद, ताकि हर हिंदुस्‍तानी तक चिकित्‍सा सुविधा पहुंच सके।
इससे पहले पीएम गुरुवार को अहमदाबाद एयरपोर्ट से सीधे गांधीनगर पहुंचे। मोदी ने वहां वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल ट्रेड शो का उद्घाटन किया। हेलीपैड मैदान में आयोजित वाइब्रेंट गुजरात ग्‍लोबल व्‍यापार प्रदर्शनी को देश की अब तक की सबसे बड़ी प्रदर्शनी बताया जा रहा है। इस प्रदर्शनी में भविष्य के भारत की झलक पेश की गई है। मारुति सुजुकी लिथियम बैटरी बना रही है, लेकिन उसका प्लांट कैसा होगा, होंडा भविष्य में एक बेहतरीन जापानी तकनीक का व्हीकल भारत में लॉन्च करेगा उसकी खूबियां क्या हैं व इतने बड़े प्रोजेक्ट को लोन कैसे मिलेगा और फाइनेंस कैसे होगा आदि जानकारी देने के लिए सरकारी और गैर सरकारी बैंक यहां जुटे हुए हैं।
खरीदी जैकेट और रुपे कार्ड से किया पेमेंट 
उपस्थि‍त जनसमूह को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि सबका स्वास्थ्य अच्छा हो, तब उत्सव का आनंद बढ़ जाता हैं, स्वास्थ्य संबंधी एक बहुत बढ़ी सुविधा लोगो को अर्पित करने का मौका देने के लिए मैं आप सबका आभारी हूं। गरीबों को कम से कम दाम मे अच्छी स्वास्थ्य सेवाए मिले, इसके अलावा मोदी ने सरकार की अन्‍य उपल्बिधि‍यों को भी गिनाया, जिसमें सामान्‍य वर्ग के आर्थिक रूप से पिछड़ों को 10 फीसदी आरक्षण जैसी तमाम योजनाओं के बारे में जनता को बताया। इसके अलाव मोदी ने अहमदाबाद में शॉपिंग फेस्टिवल में खादी और ग्रामोद्योग बोर्ड के स्टाल से जैकेट खरीदी। इस दौरान पीएम ने अपने रूपे कार्ड का उपयोग कर भुगतान भी किया।
इससे पहले प्रधानमंत्री अहमदाबाद एयरपोर्ट से सीधे गांधीनगर पहुंचे। गांधीनगर में मोदी ने वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल ट्रेड शो 2019 का उद्घाटन किया। एयरपोर्ट पर प्रधानमंत्री का स्‍वागत राज्यपाल ओमप्रकाश कोहली, मुख्यमंत्री विजय रूपाणी, प्रदेश अध्यक्ष जीतू वाघानी व महापौर बिजल पटेल ने किया लेकिन उप-मुख्‍यमंत्री नितिन पटेल नदारद रहे। वाइब्रेंट गुजरात और वीएस अस्पताल के उद्घाटन समारोह की तैयारियों में उपेक्षा किए जाने से उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल के नाराज होने की अटकलें हैं। एयरपोर्ट पर मोदी की अगवानी के वक्त उप-मुख्यमंत्री की गैरहाजिर भी इस बात की पुष्टि करती है।
वाइब्रेंट गुजरात ग्‍लोबल समिट का उद्घाटन शुक्रवार को करेंगे
प्रधानमंत्री 18 जनवरी को वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट के नौवें संस्करण का उद्घाटन करेंगे जिसमें दिग्‍गज वैश्विक और भारतीय कारोबरी शिकरत करेंगे। इसमें करीब 125 देशों के प्रतिनिधि शामिल होंगे, जबकि 12 वाइब्रेंट गुजरात के कन्‍ट्री पार्टनर बने हैं। बता दें कि अहमदाबाद में शुक्रवार से बाइब्रेंट गुजरात का आयोजन होने जा रहा है। इसके ठीक एक दिन पहले गांधीनगर में ग्लोबल ट्रेड शो का आयोजन किया गया।
निर्यात, व्‍यापार और निवेश पर होगा जोर
वाइब्रेंट गुजरात समिट 2019 में गुजरात सरकार ने निर्यात, व्यापार और निवेशकों की संभावनाओं पर विशेष जोर दिया है। इस मेगा ट्रेड शो में सभी पार्टनर देशों के पवेलियन बनाए गए हैं। सभी प्रतिनिधि, व्यापारी तथा विद्यार्थी इसमें अपने विचारों का आदान-प्रदान कर सकेंगे।
शामिल होंगे प्रमुख उद्योगपति मुकेश अंबानी 
वाइब्रेंट गुजरात समिट में देश के नामी कंपनियों के चेयरमैन या मुख्य कार्यकारी अधिकारी शामिल होंगे। इनमें रिलायंस ग्रुप के मुकेश अंबानी, अदाणी समूह के गौतम अदाणी, आदित्य बिरला ग्रुप के कुमार मंगलम, गोदरेज समूह के आदि गोदरेज सहित कई प्रमुख उद्योगपति शामिल होंगे।
समिट में उपस्थित रहेंगे ये प्रमुख उद्योगपति
-मुकेश अंबानी, सीएमडी, रिलायंस इंजस्ट्रीझ
-एन. चंद्रशेखरन, चेयरमैन, टाटा संस
-कुमार मंगलम बिरला, चेयरमैन, आदित्य बिड़ला ग्रुप
-गौतम अदाणी, चेयरमैन, अदाणी ग्रुप
-अदि गोदरेज, चेयरमैन, गोदरेज ग्रुप
-तुलसी तंती, सीएमडी, सुझलोन एनर्जी
-पंकज पटेल, चेयरमैन, केडिला हेल्थकेयर
-सुधीर महेता, चेयरमैन, टोरेंट ग्रुप
-बाबा कल्याणी, चेयरमैन, भारत फोर्ज
-उदय कोटक, वाइस चेयरमैन – सीइओ, कोटक महिंद्रा
-राजीव मोदी, सीएमडी, केडिला फार्मास्युटिक्लस
-संजीव पुरी, एमडी, आईटीसी
-राकेश भारती मितल, वाइस चेयरमैन, भारती ऐन्टर।
-संदीप सोमानी, सीएमडी, हिन्दुस्तान सेनेटरीवेर
-बीके गोयेन्का, चेयरमैन, वेलस्पन
-दीपक पारेख, चेयरमैन, एचडीएफसी
-रजनीश कुमार, चेयरमैन, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया
-शशी शंकर, चेयरमैन, ओएनजीसी
-संजीव सिंह, चेयरमैन, आइओसीएल।

टेनरी मजदूरों में बेरोज़गारी से बेचैनी का माहौल, पहले 225 टेनरियों और अब 91 टेनरियों के बंदी आदेश

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कानपुर, 07 जनवरी। उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व जल निगम के बीच जारी खींचतान पर विराम लग गया। सोमवार को कानपुर की 91 और टेनरियों को अगले आदेश तक काम बंद रखने का फरमान आया है। जिले के मुख्य पर्यावरणीय अधिकारी कुलदीप मिश्रा ने सोमवार को टेनरियों को बंद करने के मामले में बताया कि इन टेनरियों की बिजली काटी जाएगी। पूर्व में भी 225 टेनरियों में काम बंद कराया जा चुका है।

कानपुर के चमड़ा उद्योग को शहर से बाहर ले जाने की मीडिया की खबरों से शहर के करीब 3000 करोड़ का एक्सपोर्ट करने वाले टेनरी मालिकों और इनमें काम करने वाले करीब दो लाख मजदूरों में काफी बेचैनी का माहौल है. गंगा में प्रदूषण रोकने के संबंध में चमड़े का काम करने वाली टेनरियों के लोगों का कहना है कि नदी में प्रदूषण के लिए केवल टेनरियों को ही निशाने पर नहीं रखा जाना चाहिए क्योंकि हरिद्वार से लेकर कोलकाता तक केवल टेनरियां ही गंगा नदी को गंदा नहीं कर रही है बल्कि लाखों अन्य फैक्ट्रियां भी अपना पानी गंगा में डाल रही है
नवम्बर में राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने कम्बाइंड एफ्लूएंट ट्रीटमेंट प्लांट के न चलने के कारण 249 टेनरियों को बंद करने का आदेश जारी किया था। कुछ दिन बाद जनपद में लगी सीईटीपी के ठीक कराने के बाद क्षमता के साथ चालू कराया गया। इसके बाद 248 टेनरियों को 50 प्रतिशत क्षमता पर काम शुरु करने के लिए पर सहमति मिली और हरी झंडी के बाद टेनरियों में काम शुरु हुआ। लेकिन इसके कुछ दिनों में ही समस्याएं आने लगी। समस्याओं में कभी पम्पिंग स्टेशनों की मोटरें खराब हो गई तो कभी चैनल ओवरफ्लो होने के कारण सिरफुटौव्वल की नौबत बनी रही।
इस मामले में पिछले कुछ दिनों में तीन अलग-अलग आदेश हुए। आदेशों में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 134 टेनरियों को बंद करने का आदेश आया। मुख्य पर्यावरणीय अधिकारी ने सोमवार को बताया कई चरणों के निर्णय के बाद पंपिंग स्टेशन-3 से जुड़ी 91 टेनरियों में काम बंदी की जद में आ गईं हैं। जानकारी के मुताबिक जद में आई 26 टेनरियों अभी बच गई हैं। इनका भी 10 जनवरी से बंद करा दिया जाएगा, क्योंकि 15 जनवरी को प्रयागराज में हो रहे कुम्भ महापर्व का पहला बड़ा शाही स्नान होना है।