जश्न गौसुलवरा में मुल्क और कौम की तरक्की की दुआ की गई

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हरदोई, 21 दिसम्बर। रज़ा मस्जिद मोहल्ला पक्काबाग में जश्न गौसुलवरा का आयोजन किया गया। इस जश्न की अध्यक्षता मौलाना अकमल हुसैन ने की और मंच संचालन हाफिज़ अब्दुल हफ़ीज़ ने किया।
इस अवसर पर उपस्थित लोगों को सम्बोधित करते हुए हाफिज व कारी मोहम्मद अली बरकाती ने कहा कि इस्लामी कैलेंडर के इस महीने का नाम रबीउस्सानी है। यह महीना ग्यारहवीं शरीफ के लिए जाना जाता है। इसकी वजह यह है कि इसी महीने की 11 तरीख को बड़े पीर साहब के नाम से मशहूर शेख अब्दुल क़ादिर जीलानी इस दुनिया से पर्द फरमा गए। आपका जन्म हिजरी कैलेंडर के अनुसार 29 शाबान 470 हिजरी में हुआ। वह सूफियों के कादिरया सिलसिले के संस्थापक थे और आपके कई चमत्कार मशहूर हैं। कहा जाता है कि आप को क़ुरआन के 16 से 18 पारे पैदाइशी हिफ़्ज़ (कंटस्थ) थे। दुनिया में जितने वली हैं, आप सब के पीर है। इसलिए आपको बड़े पीर और पीराने पीर भी कहा जाता है।
मौलाना अकमल हुसैन ने अपने सम्बोधन में कहा कि बड़े पीर साहब की सैकड़ों करामातें हैं। आप के जिस्म पर कभी मक्खी नहीं बैठी, आपके पसीने से खुशबू आती थी। आप बड़ों से अदब और छोटों से प्यार करते थे। इस मौके पर नजमुल हसन, अफ़ज़ल हुसैन, आमिर रज़ा ने लोगों को सम्बोधित किया।
जलसे में नजमुस्साकिब और रेहान ने नात-शरीफ पेश की। गुरुवार देर रात तक चले इस कार्यक्रम में आखिर में दुरूद व सलाम के बाद मुल्क और कौम की खुशहाली के लिए दुआ की गई ।

जिहाद का मतलब अच्छाई के लिए अपनी पूरी ताकत लगा देना है ; कल्बे जव्वाद

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लखनऊ, 02 दिसम्बर । मौलाना कल्बे जव्वाद ने कहा कि जिहाद के मायने कत्ल करना नहीं है। जिहाद का मतलब अच्छाई के लिए अपनी पूरी ताकत लगा देना है। अंधेरे में चिराग जला देना भी जिहाद है। एक मजदूर जो मजदूरी कर रहा है वह भी जिहाद कर रहा है। खून बहा देना जिहाद नहीं है। दहशतगर्दों को जेहादी नहीं कहा जा सकता है। पूरी कुरान में कत्ल करना नहीं लिखा है। कुरान को पढ़ लीजिए उसमें लिखा है कि अटैक हो तो डिफेंस करो।

कोई भी मुसलमान राम मंदिर निर्माण के खिलाफ नहीं है ; फिरंगी महली

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लखनऊ, 02 दिसम्बर । मौलाना खालिद रशिद फिरंगी महली ने राम मंदिर के मुद्दे पर कहा कि कोई भी मुसलमान राम मंदिर निर्माण के खिलाफ नहीं है, मगर मुसलमान के जज्बात हैं। हम सुप्रीम कोर्ट की बात को आंख मूंद कर मानेंगे। उन्होंने कहा कि हम राम की इमाम-ए-हिंद हैं, यह शायर अल्लामा इक़बाल ने कहा था। हम सबकी इज्जत करते हैं।
मौलाना ने कहा कि जिहाद का मतलब कत्ल करना नहीं है। केवल नेकी की और तालीम की कोशिश जिहाद है। 20 करोड़ लोग ऐसे हैं जो रात की रोटी बिना खाए ही सो जाते हैं। उलमा ने अंग्रेजों के समय जिहाद के फतवे का एलान किया था। उस दौरान मुसलमान शहीद हुए थे।
फिरंगी महली ने कहा कि रूस की जंग में तालिबान को आगे किया गया है। इस्लाम के लिहाज से देखे तो मजहबी लोगों ने हिंसा और आतंकवाद के खिलाफ फतवे दिया है। इस्लाम को समझने के लिए उसके मुख्य सूत्र को समझना होगा।

धर्मसभा के बाद राम मंदिर मुद्दे पर अब कोई सभा नहीं होगी, सीधे मंदिर निर्माण होगा

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अयोध्या, 25 नवम्बर । अयोध्या में विश्व हिंदू परिषद की धर्मसभा में संत-धर्माचार्यों ने राम मंदिर निर्माण के लिए हुंकार भरी। धर्मसभा के मंच से जगदगुरु रामानंदाचार्य स्वामी रामभद्राचार्य ने कहा कि राम मंदिर को लेकर सरकार 11 दिसम्बर के बाद घोषणा करेगी। विहिप के अन्तर्राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चंपत राय ने कहा कि इस धर्मसभा के बाद राम मंदिर मुद्दे पर अब कोई सभा नहीं होगी, सीधे मंदिर निर्माण होगा। विश्व हिंदू परिषद की धर्म सभा में कोई लिखित प्रस्ताव जारी नहीं ​हुआ। संतो और राम भक्तों की भावनाएं पूरी तरह साफ दिखीं कि विराट धर्मसभा राम मंदिर निर्माण को लेकर बिल या आॅर्डिनेंस लाए जाने के पूरी तरह पक्ष में है। संतो और राम भक्तों की धर्म सभा में सुप्रीम कोर्ट के खिलाफ नाराजगी भी दिखाई दी।
धर्मसभा में मंच पर से कोई विवादित बयान नहीं दिया गया। अब संतो की धर्मसभा आगामी 9 दिसम्बर को दिल्ली में आयोजित होगी। धर्मसभा के समापन पर अयोध्या की मिट्टी को हाथ में लेकर संतो और राम भक्तों को संकल्प दिलाया गया। इसमें कहा गया कि अयोध्या में राम जन्मभूमि पर विशाल राम मंदिर का निर्माण कराएंगे। हम इस संघर्ष को बेकार नहीं जाने देंगे और राम मंदिर निर्माण के लिए किसी भी कीमत पर आगे बढ़ेंगे।
रामभद्राचार्य ने कहा कि उनकी 23 नवम्बर को केंद्र सरकार के वरिष्ठ मंत्री से इस संबंध में बातचीत हुई थी। उन्होंने मुझे आश्वस्त किया कि 11 दिसम्बर के बाद हम इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री के साथ बैठेंगे। इस मुद्दे पर निर्णय लेंगे। उन्होंने कहा ​कि मुझे उम्मीद है कि इस संबंध में मंदिर निर्माण को लेकर कानून आएगा। रामभद्राचार्य ने बताया मंत्री कि कहा कि धैर्य रखें। सरकार सभी की भावनाओं का आदर करती है। रामभद्राचार्य ने कहा कि मैं राम भक्त हूं। राम जन्मभूमि हमारा अधिकार है।
सभा में विहिप के अन्तर्राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चम्पत राय ने अपनी मंशा साफ कर कहा कि संतो धर्माचार्यो को केंद्र सरकार ने राम मंदिर निर्माण का वचन दिया था, केंद्र सरकार अपने वचन पर कायम रहे। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि हमें पूरी की पूरी जमीन चाहिए। राम मंदिर में देरी होना सही संकेत नहीं है।अयोध्या में मस्जिद के लिए कोई स्थान नहीं है। उन्होंने कहा कि अयोध्या राम की जन्म भूमि है। केंद्र सरकार ने राम मंदिर निर्माण का वचन दिया था। उस पर केंद्र सरकार अपने वचन पर कायम रहे। जब अर्जुन नहीं समझ रहे थे तो कृष्ण ने ही मुंह खोला था।
उन्होंने कहा कि हमें पूरी की पूरी जमीन चाहिए। पूरी जमीन मिलेगी तभी विकास संभव होगा। जमीन का बंटवारा नहीं होना चाहिए। अब हमारे सब्र की परीक्षा मत लो। उन्होंने न्यायालय में सुन्नी वक्फ बोर्ड से केस वापस लेने के लिए भी कहा है। सुप्रीम कोर्ट टाल-मटोल कर कर रहा है। अयोध्या में मस्जिद के लिए कोई स्थान नहीं है।
धर्मसभा में आचार्य दीपांकर ने कहा ये रामभक्त है। सियासत का हिस्सा नहीं है। रामलला हमारे कैद में है। उन्हें आजाद कराने की जिम्मेदारी हमारी है। दुनिया में किसी भी देश के भगवान का केस कोर्ट मे नहीं। बस हमारे ही देश में है। अब हम यहां प्रतिज्ञा करते हैं, अब राम को टेंट में नहीं रहने देंगे।
स्वामी राघवाचार्य ने कहा कि आतंकवादियों के लिए रात में कोर्ट लग सकती है, लेकिन भगवान के लिए तारीख मिलती है। अगर समाज का कोर्ट से विश्वास उठा तो पूरे व्यवस्था पर संकट खडा हो जाएगा। जितेंद्रानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि अब यह अपमान बर्दाश्त से बाहर है। हम आपके निर्णय का इंतजार कर रहे हैं। न्याय देने से कोर्ट भाग क्यों रहा है।
रामानंदाचार्य महाराज ने कहा कि आज ही अयोध्या बेंगलुरु और नागपुर में ऐसा ही कार्यक्रम आयोजित हो रहा है। ढुलमुल नीति नहीं अब रण होगा। जनजागरण कार्य शुरू कर दीजिए।
धर्मसभा का माहौल पूरी तरह से राममय रहा। संतों के भाषणों से युवाओं में जोश दिखाई दिया और वह जय श्री राम के नारे लगाते रहे। मंच पर उपस्थित महामंडलेश्वर, धर्माचार्य, सन्त आदि उपस्थित जनता को जल्द से जल्द राम मंदिर निर्माण के लिए आश्वस्त करते रहे। वहीं सीताराम गुप्ता प्रतापगढ़ निवासी ने मंच पर नृत्य गोपाल दास को मंदिर निर्माण को एक करोड़ का चेक सौंपा।
विहिप के मुताबिक धर्म सभा में आने वाले रामभक्तों के आवास, भोजन, वाहन पार्किंग, चिकित्सा तथा सभा स्थल सुरक्षा सहित प्रचार के प्रमुख का दायित्व में 500 से अधिक कार्यकर्ता लगाये गए। विहिप मीडिया प्रभारी शरद शर्मा ने हिन्दुस्थान समाचार को बताया कि धर्मसभा में बाहर से एक दिन पूर्व शनिवार को आने वाले लगभग पचास हजार रामभक्तों के आवास, भोजन की व्यवस्था भी विभिन्न स्थानों पर की गयी थी।