जितने भी नेता ममता के मंच पर थे, वे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से डरे हुए है : स्मृति ईरानी

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कोलकाता, .। पश्चिम बंगाल केेे झाड़ग्राम में भारतीय जनता पार्टी की गणतंत्र बचाओ रैली में बुधवार को केंद्रीय कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी ने ममता बनर्जी की महाविपक्षी एकता पर जमकर हमला बोला। रैली को सम्बोधित करते हुए उन्होंने दावा किया कि जितने भी नेता ममता के मंच पर उमड़े हुए थे, वे सभी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से डरे हुए हैं।
ब्रिगेड रैली पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जिन नेताओं ने एक-दूसरे का विरोध किया, अब वे सभी अपने-अपने व्यक्तिगत हितों के लिए एकसाथ आए हैं। केन्द्रीय मंत्री ने कहा कि पश्चिम बंगाल ने एक अजीबो-गरीब स्थिति देखी है, जहां एक-दूसरे के विरोधी नेता राजनीतिक मंच पर एकसाथ आए। इन नेताओं का विकास से कोई लेना-देना नहीं है। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी के डर से विपक्षी नेता एकजुट हो गए हैं। वे अपने व्यक्तिगत हितों की पूर्ति के लिए एकसाथ आए हैं। उन्होंने एक-दूसरे का जीवनभर विरोध किया है, लेकिन मोदी सरकार की विकास प्रक्रिया को रोकने के लिए एक साथ आए हैं।

आज भारत दुनिया में नयी शक्ति के रूप में उभर रहा है : रामनाथ कोविन्द

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वाराणसी, । राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द ने प्रवासी भारतीयों से नये भारत के निर्माण में बढ़-चढ़ कर भागीदारी का आह्वान किया। राष्ट्रपति ने प्रवासी भारतवंशियों को विदेशों में भारत के सांस्कृतिक दूत के रूप में कार्य करने का संदेश देकर कहा कि भारतवंशी उदारचरितानांतु वसुधैव कुटुम्बकम् के भाव को आगे बढ़ाएं।
राष्ट्रपति बुधवार की शाम यहां तीन दिवसीय प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन के समापन समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। सम्मेलन में मौजूद मॉरिशस के प्रधानमंत्री प्रवींद जगन्नाथ का आभार जताकर राष्ट्रपति ने 30 विशिष्ट प्रवासी मेहमानों को सम्मानित किया और उन्हें बेहतर भविष्य की शुभकामना दी। राष्ट्रपति ने महिला सशक्तिकरण, देश में केन्द्र सरकार के चल रहे जन कल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख कर कहा कि आज भारत दुनिया में नयी शक्ति के रूप में उभर रहा है। सरकार सभी प्रवासी भारतीयों के सुरक्षा पर खासा ध्यान दे रही है। राष्ट्रपति ने भारत की विविधता का जिक्र कर कहा कि भारत उत्सवों, पर्वों का देश है। आप राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150वीं जयन्ती और प्रयागराज कुंभ के मौके पर आये हैं। आप यहां अपनी जड़ों को महसूस कर सकते हैं।
राष्ट्रपति ने युवा प्रवासियों को अपनेपन का एहसास कराते हुए कहा कि प्रवासी भारतीय ही हमारी ताकत हैं। आज आप को सम्मानित कर खुद को अभिभूत महसूस कर रहा हूं। राष्ट्रपति ने कहा कि इस बार का आयोजन खास है। इस बार प्रवासी दिवस आयोजन में कुंभ व 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस समारोह को भी शामिल किया गया है। चिर पुरातन शहर में सम्मेलन आयोजित कर इसे और खास बना दिया गया है। उन्होंने कहा कि उम्मीद करता हूं कि आप सभी बनारस में भ्रमण कर आनंदित होंगे। ऐसे सम्मेलन से आप आपनी जड़ों से जुड़ते हैं और अपनों के बीच होते हैं। सम्मेलन में मारीशस के प्रधानमंत्री प्रवींद जगन्नाथ, देश की प्रथम महिला सविता कोविंद, प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक, विदेश मन्त्री सुषमा स्वराज, मुख्‍यमंत्री योगी आदित्यनाथ व विदेश राज्यमंत्री वीके सिंह की खास मौजूदगी रही। अतिथियों का स्वागत विदेश मंत्री सुषमा स्वराज,मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने किया।
ये लोग हुए सम्मानित
सम्मेलन में राष्ट्रपति के हाथों सम्मानित होने वाले विशिष्ट प्रवासियों में निहाल सिंह आगर (ऑस्ट्रेलिया) सामाजिक सेवा, राजिंदर नाथ खजांची (भूटान) सिविल इंजीनियरिंग, रमेश छोटाई (कनाडा) व्यापार, अमित वाइकर ( चीन) व्यापार, मिस्र में भारतीय सामुदायिक संघ (मिस्र) सामुदायिक सेवा, मालिनी रंगनाथन (फ्रांस ) शिक्षा और कला, गुयाना हिंदू धर्म सभा (गुयाना) सामुदायिक सेवा, बिट्ठल दास माहेश्वरी (इटली) व्यापार, गुण शेखर मपुरी (जमैका) चिकित्सा विज्ञान और उद्यमिता, पीवी संबाशिव राव (केन्या) (प्रौद्योगिकी, प्रकाश माधवदास हेड़ा (केन्या) चिकित्सा विज्ञान, राजपाल त्यागी (कुवैत ) आर्किटेक्चर, बनवारीलाल सत्य नारायण गोयनका (म्यांमार) व्यवसाय प्रबंधन, भवदीप सिंह ढिल्लों (न्यूजीलैंड) व्यापार, हिमांशु गुलाटी (नॉर्वे) लोक सेवा, विनोदन वी तजिकुनियिल (ओमान) व्यापार, जगदेश्वर राव मद्दुकुरी (पोलैंड) उद्यमिता, पूर्णेंदु चंद्र तिवारी (कतर) प्रशिक्षण और सिमुलेशन,अनिल सुकलाल (दक्षिण अफ्रीका) कूटनीति, स्वामी शारदा प्रभानंद (दक्षिण अफ्रीका) सामुदायिक सेवा, राजेंद्र कुमार जोशी (स्विट्जरलैंड) विज्ञान, शमीम पारकर खान (तंजानिया) लोक सेवा, गिरीश पंत (संयुक्त अरब अमीरात) व्यापार, सुरेंद्र सिंह कंधारी (संयुक्त अरब अमीरात) व्यापार, जुलेखा दाऊद (संयुक्त अरब अमीरात) चिकित्सा विज्ञान और व्यवसाय, राजेश चपलोत ( युगांडा) चार्टर्ड अकाउंटेंसी, चंद्र शेखर मिश्रा (अमेरिका) विज्ञान, गीता गोपीनाथ (अमेरिका) शिक्षाविद, गीतेश जयंतीलाल देसाई (अमेरिका) स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग, किरण छोटूभाई पटेल (अमेरिका) चिकित्सा विज्ञान शामिल रहे।

प्रधानमंत्री मोदी के सियासी कद को चुनौती देने के लिए राहुल गांधी ने बहन प्रियंका गांधी को यूपी के मिशन पर भेजा

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नई दिल्ली, । लोकसभा 2019 में भारतीय जनता पार्टी की धुंआधार प्रचार रणनीति और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सियासी कद को चुनौती देने के लिए आखिरकार कांग्रेस ने प्रियंका गांधी के रूप में अपना बहुप्रतीक्षित ” ब्रह्मास्त्र ” चला ही दिया जिसकी लम्बे समय से पार्टी के भीतर मांग उठ रही थी।
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपनी बहन प्रियंका गांधी को राष्ट्रीय महासचिव नियुक्त करने के साथ ही उन्हें पूर्वी उत्तर प्रदेश का प्रभार देकर एक साथ कई निशाने साधे हैं। एक ओर देश के सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री आदित्यनाथ की घेरेबंदी के लिए जहां उनके गढ़ पूर्वांचल का प्रभार प्रियंका को दिया गया है तो दूसरी ओर सूबाई राजनीति में हालिया सपा-बसपा गठबंधन की राह रोकने का काम भी कांग्रेस ने अपने इस दांव से किया है।
पूर्वांचल एक समय में कांग्रेस का मजबूत गढ़ हुआ करता था। पूर्वांचल की तकरीबन तीन दर्जन सीटों पर कांग्रेस का पताका लम्बे समय से लहराती रही है । ब्राह्मण बहुल सीटों वाले इस इलाके के बूते ही कांग्रेस उत्तर प्रदेश और दिल्ली की सत्ता पर काबिज होती रही। प्रियंका को इलाके का प्रभार देकर कांग्रेस नेतृत्व ने अपनी सियासी जमीन को एकबार फिर उर्वर बनाने की कवायद की है। ऐसा कर कांग्रेस ने जहां एक ओर लोकसभा चुनाव के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को उनके ही इलाके में घेरे रखने की चाल चली है। इतना ही नहीं कांग्रेस के इस कदम को 2022 विधानसभा चुनाव के मद्देनजर भी महत्वपूर्ण समझा जा रहा है। उल्लेखनीय है कि 2009 लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश से 22 सीटें जीती थी जिनमें से ज्यादातर पूर्वांचल से थी। वहीं 2014 में पूर्वांचल की एकमात्र आजमगढ़ सीट को छोड़कर सभी सीटें भाजपा के खाते में गई थी।
प्रियंका के राजनीतिक कैरियर की बात की जाए तो वह अभी तक केवल मां सोनिया गांधी और भाई राहुल गांधी के लिए प्रचार करती रही हैं। कांग्रेस कार्यकर्ता उनमें पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की छवि देखते हैं। राहुल गांधी के नेतृत्व में एक के बाद एक चुनाव हारने के दौरान अक्सर उनको पार्टी में लाए जाने की मांग उठती रही है। 2017 में उनके सक्रिय राजनीति में उतरने के कयास भी लगाये जा रहे थे। अब जब राहुल गांधी पार्टी के अध्यक्ष बन गए हैं और पार्टी ने हाल के तीन राज्यों में चुनावी जीत दर्ज की है तो उनकी तुलना राहुल गांधी से नहीं की जा रही है। हालांकि विपक्षी भाजपा इसे राहुल की विफलता के रूप में दर्शा रही है। प्रियंका ने अभी कोई चुनाव नहीं लड़ा है। मां सोनिया गांधी की सेहत कमजोर होने के चलते उनपर रायबरेली सीट में चुनावी कामकाज वही देखेंगी। यह भी हो सकता है वह रायबरेली से चुनाव लड़े। सक्रिय राजनीति में प्रियंका एक छवि रखती हैं। लोगों से घुलना-मिलना और कार्यकर्ताओं को प्रेरित करना उनका बड़ा राजनीतिक गुण माना जाता है।
सपा-बसपा गठबंधन के बाद उत्तर प्रदेश में अलग-थलग पड़ी कांग्रेस को प्रियंका के नेतृत्व में नई उर्जा मिलनी तय है। इसके साथ ही अब तक सुप्तास्था में पड़े कांग्रेसी कार्यकर्ता में भी उत्साह का संचार होना भी तय माना जा रहा है। सपा-बसपा गठबंधन द्वारा कांग्रेस को नजरअंदाज किए जाने के बाद जिस तरह से ताजपोशी हुई है। उससे समझा जा रहा है कि अब कांग्रेस इन दोनों दलों से दूरी बनाकर अपनी लकीर खींचेगी।
इसके साथ कांग्रेस ने ज्योतिरादित्य सिंधिया को महासचिव बनाने के साथ ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश का प्रभार सौंपा है। सपा-बसपा गठबंधन का सर्वाधिक प्रभाव इसी इलाके में समझा जा रहा है। सिंधिया को प्रियंका के समानांतर पद और उत्तर प्रदेश के पश्चिमी क्षेत्र का प्रभार देकर राहुल गांधी ने पार्टी में ज्योतिरादित्य का कद भी ऊंचा कर दिया है। ऐसी चर्चा थी कि मध्यप्रदेश में कमलनाथ को मुख्यमंत्री बनाए जाने के बाद से सिंधिया असंतुष्ट हैं। किंतु उनको नया दायित्व देकर राहुल ने साफ कर दिया है कि वह उनके करीबी नेताओं में शुमार हैं।
इसके साथ ही कर्नाटक के प्रभारी केसी वेणुगोपाल को अशोक गहलोत की जगह राष्ट्रीय महासचिव संगठन का दायित्व देकर उन्हें हाल ही में कर्नाटक में उठे सियासी भूचाल को थामने का पुरस्कार दिया गया है।

शिवसेना और भाजपा संबंधों में खटास हुई कम देवेंद्र फडणवीस और उद्धव ठाकरे ने मिलाया हाथ

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मुम्बई,  । शिवसेना के दिवंगत प्रमुख बाल ठाकरे की 93वीं जयंती के अवसर पर बुधवार को मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने दादर स्थित शिवाजी पार्क में बाल ठाकरे स्मारक स्थल पर संयुक्त रूप से गणेश पूजन किया। कार्यक्रम के दौरान स्मारक के लिए चिह्नित जमीन को नगर निकाय द्वारा आधिकारिक रूप से उस ट्रस्ट को हस्तांरित किया गया जिसका गठन ढांचे के निर्माण की देखरेख करने के लिए किया गया है।
शिवसेना केन्द्र और महाराष्ट्र में भाजपा की सत्ता सहयोगी है। पिछले कई महीनों से दोनों दलों के संबंधों में खटास देखने को मिला है। शिवसेना ने कई मौकों पर केन्द्र और राज्य सरकारों की विभिन्न नीतियों की आलोचना की है। ऐसे में फडणवीस और उद्धव का साथ-साथ कार्यक्रम में शामिल होना मायने रखता है। इस दौरान उद्धव ने गर्मजोशी के साथ फडणवीस से हाथ भी मिलाए। इस अवसर पर केन्द्रीय उद्योग मंत्री अनंत गीते, बीएमसी के महापौर विश्वनाथ महाडेश्वर समेत भाजपा और शिवसेना के कई प्रमुख नेता मौजूद थे।
ठाकरे स्मारक का निर्माण जहां किया जा रहा है वह स्थान वर्तमान में बीएमसी के महापौर का बंगला है। स्मारक निर्माण का कार्य एमएमआरडीए को सौंपा गया है।
गणेश पूजन के दौरान महापौर निवास की जमीन के कागजात मुख्यमंत्री फडणवीस ने बालासाहब स्मारक ट्रस्ट को सौंपा। समुद्र के पास स्थित इस सम्पत्ति का क्षेत्रफल करीब 11500 वर्ग मीटर है। महाराष्ट्र सरकार ने मंगलवार को स्मारक के लिए 100 करोड़ रुपये मंजूर किए थे। इस कदम को लोकसभा चुनाव से पहले भाजपा द्वारा अपनी सहयोगी शिवसेना तक पहुंच बनाने के प्रयास के तौर पर भी देखा जा रहा है। एक सूत्र ने बताया कि स्मारक के औपचारिक भूमि पूजन के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को शीघ्र ही आमंत्रित किया जा सकता है।